रविवार, 22 फ़रवरी 2009

मन के दोराहे पर केपी ज्योतिष से चुने राह

कई अलग-अलग यो़जनाओं में से कौन सी सही रहेगी जानने के लिए केपी ज्योतिष का सहारा लिया जा सकता है। जो भी योजनाएं हों उनमें प्रत्येक के लिए एक नं चुन लें। तत्काल समय चल रहे रूलिंग प्लेनेट्स देखें। उत्तर मिल जाएगा। इसके लिए चाहिए
1) के पी नं चार्ट
2) तत्कालिक ग्रह स्थिती जानने के लिए स्थानिय पंचांग

उदाहरणःएक व्यक्ति के पास चार तरह के कार्य़ की योजना है।1) दूध का कारोबार 2) दवाई का कारोबार 3) ट्रांसपोर्ट का कारोबार 4) कंप्यूटर का कारोबार । अब इनके लिए 1-249 के बीच नं निकालने पर आते हैं क्रमशः 161, 129, 67 और 170अब आंकड़े इस प्रकार हैं-

कारोबार केपी नंबर राशीस्वामी नक्षत्र स्वामी उपनक्षत्र स्वामी
1) दूध 161 मंगल बुध सूर्य
2) दवाई 129 शुक्र मंगल चंद्र
3) ट्रांसपोर्ट 67 चंद्र शनि बुध
4) कंप्यूटर 170 गुरू केतू चंद्र

अब मान लेते हैं कि तत्कालिक पंचाग में- लग्न-कर्क(चंद्र), चंद्र राशी-धनु(गुरू), चंद्र नक्षत्र-पूर्वाषाढ(शु्क्र), दिन-मंगलवार(मंगल) यह ग्रह स्थिती है। इसके मुताबिक दवाई के कारोबार में आयी ग्रह स्थिती पंचांग की ग्रह स्थिती से अधिक मेल खाती है। तो निश्कर्ष रूप में कह सकते हैं कि इस जातक को दवाई का कारोबार करने में लाभ मिलेगा।

इस विधि का लाभ कारोबार में ही नहीं और भी कई स्थितियों में किया जा सकता है। जैसे मित्रता, पार्टनरशिप, विवाह आदि। इस विधि में प्रश्नों की संख्या का कोई बंधन नहीं। दो से अधिक प्रस्तावों के होने पर इसे प्रयोग किया जा सकता है।

प्रस्ताव अधिक होने पर उत्तरों की संभावना भी बढ़ जाती है, ऐसे में चुनिंदा उत्तरों की केपी विधि से कुंडली बनाकर जवाब पाया जा सकता है। नहीं तो इसी विधि की बारंबार सहायता से किसी निर्णय पर पहुंचा जा सकता है। तीसरा और सर्वमान्य तरीके में जातक अपने रूझान और अनुभव से कारोबार करना भी हो सकता है।

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