ज्योतिष को समझने से पहले हमें जीवन को समझना होगा। और जीवन का कोई फार्मूला नहीं है। जिन वजहों से कोई आगे बढ़ता है वही वजहें किसी को पीछे खींच लेती हैं।
इसी तरह ज्योतिष का भी कोई फार्मूला नहीं है। बेसिक्स हैं, जो कोई भी सीख सकता है। लेकिन फलित के लिए सूत्रों के अलावा कुछ और भी होना चाहिए ये बात सच है। अब ये कुछ और क्या है, इसमें कई बातें निकलती हैं। जिनका लब्बो लुआब यह है कि उपर वाले की दया होनी चाहिए।
ज्योतिषी का एक मूल धर्म जो मैं मानता हूं वो है आत्मनो मोक्षार्थ जगत हिताय च।अर्थात जगत का लाभ हो और हमें मोक्ष मिले। अब ये मोक्ष क्या है इसकी चर्चा कभी और करेंगे।
मेरी बात को समय देने के लिए धन्यवाद।
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