रविवार, 11 अगस्त 2013

प्रश्न कुंडली के लिए 1-249 अंक जानने की सरल विधि

ज्योतिष में कुंडली ना होने पर या जन्म समय में संशय होने पर ज्योतिषी के पास दो रास्ते होते हैं। पहला कुंडली रेक्टिफाई करना या दूसरा प्रश्न कुंडली की सहायता से उत्तर देना। ज्योतिष की दो विद्याओं कृष्णमूर्ति ज्योतिष पद्धति और नाड़ी ज्योतिष (उमंग तनेजा) में इसके लिए राशियों व नक्षत्रों के सहयोग से 1-249 अंक की तालिका बनाई जिसके अनुसार प्रश्न कुंडली का लग्न निर्धारित होता है।


यह अंक जानने के लिए अक्सर केपी या नाड़ी ज्योतिष करने वाले ज्योतिषी प्रश्न कुंडली बनाते समय जातक से अंक पूछते हैं या कोई 249 पेज की कोई किताब दे देते हैं। जातक जो अंक बताता है या जो भी पेज खोलता है उसका नंबर कुंडली बनाने के लिए ले लिया जाता है।

इसमें मूल समस्या यह है कि ज्यादातर लोग 5 के गुणन के ही अंक बताते हैं या अपना लकी नंबर 2 या 7 कुछ भी बताने लगते हैं और किताब के साथ समस्या यह है कि पहले कुछ पेज कभी भी नहीं खुल पाते और सारा जोर मध्य के पेज पर ही रहता है। और घूमफिरकर वही कुछ एक अंक  बारंबार आते रहते हैं।

इस समस्या के निवारण के लिए कै.श्री सुरेश शहासने जी ने केपी ज्योतिष पर अपनी पुस्तक 'कृष्णमूर्ति ज्योतिष रहस्य' में नंबरों के टोकन बनाने की विधि बताई। यह टोकन प्लास्टिक में भी मिल सकते हैं। लेकिन सस्ता और सुलभ रखने के लिए मैंने इन अंकों को एमएस ऑफिस में एक पेज पर लिखा और उस पेज का प्रिंट निकाल लिया। फिर इन्हें एक गत्ते पर चिपका कर काट लिया। इस तरह से 249 टोकन कम से कम खर्च में तैयार हो गए।

उसी पुस्तक में शहासने जी ने एक और विधि बताई है। जिसमें चार अलग- अलग तरह के टोकन बनाए जाएं और उन्हें राशि, अंश, कला, विकलामें बांट कर एक-एक टोकन को निकाल कर लग्न की राशि, अंश,कला और विकला प्राप्त कर सकते हैं।विकला तक का समय जातक से ही प्राप्त करने के कारण, मेरी समझ में प्रश्न कुंडली बनाने के लिए यह नंबर लेने का यह सबसे सूक्ष्म तरीका है।

उपरोक्त विधि से ही यह टोकन भी बनाए जा सकते हैं। इन्हें बनाते समय विशेष रूप से यह ध्यान रखना होगा कि राशि, अंश,कला व विकला इन चारों के अंक लिखने में चार अलग फॉन्ट प्रयोग किए जाएं। जिससे यह आपस में मिल ना जाएं जिससे आप भ्रमित हो जाएंगे।

तो बस इंतजार किस बात का, अपने कंप्यूटर पर एक्सेल में यह अंक लिखिए, प्रिंट निकालिए, गत्ते पर चिपकाईए और हो गए आपके टोकन तैयार। प्रश्न कुंडली देखते समय जातक के आते ही उसके सामने यह डिब्बी उसके आगे कीजिए, और प्रश्न लग्न के लिए शुद्ध लग्न बनाने के लिए अंक प्राप्त कीजिए। फिर चाहे वो 1-249 हों या प्रत्येक राशि, अंक, कला या विकला विधि से।