शनिवार, 21 जनवरी 2017

पूजा, मुहूर्त और कुंडली मिलान - by. Sh. S.K. Mehta, (New Dimension in Hindu Astrology से अनूदित)

कुंडली मिलान
भारत में किसी युवक व युवती का विवाह करने से पहले उनके कुंडली मिलान की परंपरा चली आ रही है। उनके घर के बड़े ज्योतिषियों के पास कुंडली मिलान करवाने जाते हैं। ऐसा करने की मूल वजह यह जानना है कि उन दोनों का विवाह होने पर क्या उनका वैवाहिक जीवन स्थिर और खुशहाल रहेगा? चलिए देखते हैं कि कुंडली मिलाने की यह परंपरा कितनी तार्किक है?

ज्योतिष का स्वयं मानना है कि प्रत्येक घटना पूर्व निर्धारित होती है और जातक के भाग्य में जो कुछ भी लिखा होता है वो घटना के होने का समय आने पर उसके साथ अवश्य होता है। जैसे, किसी जातक की कुंडली के अनुसार उसका वैवाहिक जीवन अशांत रहना है तो क्या कोई ज्योतिषी अच्छी कुंडली वाली कन्या के साथ विवाह करवाकर उसका वैवाहिक जीवन स्थिर और खुशहाल बना सकता है? इसी तरह, यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में स्थिर और खुशहाल वैवाहिक जीवन के संकेत हैं तो क्या किसी ऐसी कन्या से विवाह करना जिसका सप्तम भाव दूषित हो उसके वैवाहिक जीवन को अशांत कर सकता है?

जिस तरह जीवन में सबकुछ पूर्व निर्धारित होता है उसी तरह जातक का जीवनसाथी भी पूर्वनिर्धारित होता है। यदि किसी जातक का एक विवाह होना है तो इस संसार में उसके लिए वह कन्या पहले से ही निर्धारित है वो किसी दूसरी कन्या से विवाह नहीं कर सकता। इसी तरह यदि किसी जातक के तीन विवाह होने हैं तो वो सभी तीनों कन्याएं पहले से ही निर्धारित हैं। इसलिए, आप चाहे कुंडली मिलान करवाएं या नहीं, जातक के वैवाहिक जीवन के भाग्य में जो लिखा है उसे कोई बदल नहीं सकता और उसका विवाह केवल उसी कन्या के साथ होगा जो उसके भाग्य में लिखी है।

पूजा  

यह आम बात है कि जब ज्योतिषी किसी जातक को उसके साथ होने वाली किसी संभावित बुरी घटना के बारे में बताता है तो जातक वह उपाय अवश्य पूछता है जिससे वो उस संभावित बुरी घटना से बच सके। ऐसे में पंडित जी उसे किसी खास ग्रह या खास देवता की पूजा करने या यज्ञ करवाने की सलाह देते हैं। आइए देखते हैं कि क्या सचमुच ऐसी पूजा या यज्ञ से ग्रहों के प्रभाव को रोका जा सकता है?

हर ग्रह का प्रभाव केवल मनुष्यों पर ही नहीं बल्कि भूमि, समुद्र, वातावरण, संचार और माइक्रोवेव्स प्रणालियों पर भी पड़ता है। चंद्रमा इसके जीते-जागते उदाहरण के तौर पर सबसे सामने है। इसके गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही समुद्र में ज्वार आते हैं। ग्रहों की पूजा या यज्ञ से इसके प्रभावों को रोके जाने पर भरोसा रखने वालों को समुद्र तट पर ऐसी कोई भी पूजा या यज्ञ करके इस ज्वार को रोक कर दिखाना चाहिए। क्या कोई ऐसा कर सकता है? मेरे विचार से इस धरती पर ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो पूजा या यज्ञ से ज्वार को रोक सके।

चलिए मान लेते हैं कि पूजा करने के व्यक्ति के भाग्य को बदला जा सकता है, तो फिर पूजा में विश्वास रखने वाला कोई ज्योतिषी जातक की कुंडली देखने से पहले उससे ये क्यों नहीं पूछता कि कहीं उसने इस तरह की कोई पूजा तो नहीं कर रखी? यदि इसका उत्तर हां में मिलता है, तो ज्योतिषी को वह कुंडली नहीं देखनी चाहिए क्योंकि उस पूजा से जातक के जीवन की दिशा बदल गई होगी और उसकी कुंडली से ज्ञात होने वाली सभी बातें गलत जाएंगी। क्या आप कभी ऐसे किसी ज्योतिषी से मिले हैं?

मुहूर्त


कोई भी नया काम जैसे बिजनेस की शुरुआत से पहले व्यक्ति उस बिजनेस को आरंभ करने का सबसे अच्छा दिन और समय पूछने ज्योतिषी के पास जाता है। आइए देखते हैं कि किसी जातक को सही मुहूर्त या बिजनेस आरंभ करने का सबसे अच्छा मुहूर्त सुझाने की बात में कितनी वैज्ञानिकता है। 

यदि जातक की कुंडली के अनुसार उसे जीवन भर केवल निर्वाह योग्य धन मिलना है, तो क्या एक ज्योतिषी उसे बिजनेस की शुरुआत करने का शुभ दिन और समय बताकर अमीर बना सकता है?  इसके विपरीत, यदि किसी व्यक्ति के भाग्य में करोड़पति बनना लिखा है और वह व्यक्ति बिजनेस आरंभ करता है तो क्या कोई ज्योतिषी उसे सबसे बुरे दिन और समय का सुझाव देकर उसे गरीब बना सकता है? बिलकुल नहीं, वो ऐसा नहीं कर सकता। जिस व्यक्ति का जन्म करोड़पति बनने के लिए हुआ है वो करोड़पति अवश्य बनेगा। अतः मुहूर्त के पीछे भागना समझदारी की बात नहीं है।     

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